बलूचिस्तान को लेकर भारत पाकिस्तान पर लगातार शिकंजा कसने की पूरी तैयारी के साथ खड़ा है। पहली बार संयुक्त राष्ट्र में भारत ने बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया और पाकिस्तान पर वहां बड़े पैमाने पर हो रहे मानवाधिकार हनन का आरोप लगाया। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को गुलाम कश्मीर के मुद्दे पर भी खरी-खरी सुनाई। भारत ने कहा कि गुलाम कश्मीर में भी पाकिस्तान ने बलूचिस्तान जैसै हालात बना रखे हैं। भारत ने ये बात बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 33वें सत्र के दौरान कही। इसके साथ ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र से कहा कि कश्मीर में अशांति का मुख्य कारण सीमा पार से आतंकवाद है। इस आतंकवाद को पाकिस्तान की तरफ से लगातार सह मिल रही है। भारत के राजदूत और जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र स्थायी प्रतिनिधि अजित कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के नकारात्मक रवैये से पूरी दुनिया वाकिफ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को केवल बलूचिस्तान के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश में मानवाधिकार हनन के लिए जाना जाता है। स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, “कश्मीर में अशांति का बुनियादी कारण पाकिस्तान पोषित सीमा पार का आतंकवाद है। पाकिस्तान यहां के अलगाववादी समूहों और आतंकवादियों को 1989 से सक्रिय मदद करता चला आ रहा है। यहां सक्रिय आतंकवादी पाकिस्तानी नियंत्रण वाले क्षेत्र से संचालित होते हैं।” उन्होंने कहा कि आंतकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है।

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