चिरगांव : राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 132वीं जयन्ति पर उनकी जन्मस्थली चिरगांव में लोगों में खासा उत्साह देखा गया, सुबह से स्कूलों की प्रभातफेरी निकाल कर राष्ट्रकवि को याद किया गया।

3 अगस्त को डॉक्टर मैथिलीशरण गुप्त की 132 भी जयंती पर सभी विद्यालयों के द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई। इसी दौरान दद्दा जी के परिवार के सदस्यों का भी चिरगांव में आगमन हुआ। दद्दा मैथिलीशरण गुप्त की समाधि पर सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उनपर माल्यार्पण किया। इसके अलावा भी नगर में विभिन्न स्थानों पर दद्दा जी को याद किया गया। उनके पूराने मूल निवास पर सभी ने दद्दा जी की प्रतिछाया पर पुष्पांजलि अर्पित की। जहां नगर के कई सम्माननीय लोग उपस्थित रहे। दद्दा जी की पुत्रवधू से बात करते समय उनकी आंखे दद्दा जी को याद करके भर आई कि कैसे उनका रिश्ता ससुर बहू का न होते हुए पिता बेटी का था।

स्थानीय लोगों ने बताया की हमें बड़ा गर्व महसूस होता है की हम यहां के निवासी हैं दद्दा जी का नाम पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। चिरगांव को दद्दा जी की नगरी के नाम से जाना जाता है दद्दा जी की कुछ लेख देष और विदेष के लोगों ने पढ़े हैं। इनका जन्म 13 अगस्त सन 1986 मे चिरगांव में हुआ था। यहीं वज़ह है कि यहां के लोग महान विभूति को एक पर्व की तरह मनाते हैं।

रिपोर्ट – नाजमा आब्दी

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