मऊरानीपुर झांसी भारत सरकार के बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा 6 वर्ष पूर्व एक करोड़ 92 लाख रूपये खर्च करके ग्राम भाड़रा में कृषि मंडी का निर्माण कराया गया था लेकिन पिछले 6 वर्षों में एक भी किसान वहां पर ना तो अपना अनाज बेचने के लिए पहुंचा और ना ही कोई खरीदारी की गई इस तरह से उक्त मंडी एक सफेद हाथी बनी हुई है सरकार का लगभग दो करोड़ रुपए बर्बाद होता नजर आ रहा है ऐसा नहीं है की भाड़रा मंडी केवल इकलौती ऐसी मंडी हो जहां पर भवन व दुकानें बनाकर छोड़ दिए गए हैं और वहां पर खरीद फरोस्त ना होती हो इसी तरह कि अन्य मंडियां जिनमें रेवन धवाकर भी है जहां पर करोडो रुपए खर्च करके भवंन बना दिए गए पर वहां पर अनाज की खरीद फरोस्त नहीं होती इन जगहों से सारा अनाज मऊरानीपुर गुरसराय आदि मंडियों में बेचा जाता है और यह सारी मंडियां शोपीस बनी हुई है ना समझ में आने वाली बात यह है कि जब भड़रा रेवन धवाकर आदि स्थानों पर अनाज खरीदने बेचने का कोई स्कोप नहीं था तो शासन में जनता की गाढ़ी कमाई भवन बनवाने में बर्बाद क्यों कि ।

 

 

 

रिपोर्ट- रवि परिहार

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